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कपास में रस चुसक : अष्टपदी

अष्टपदी या मकडिय-जूं, जिला जींद की कपास फसल में रस चूस कर हानि पहुँचाते पाया जाने लगा है। इस जीव की आठ टाँगे होती हैं इसीलिए तो इसे कीट नही कहा जाता। हाँ! वैज्ञानिकों की… 

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कपास का शाकाहारी कीट – चित्तकबरी सुंडी

कुछ साल पहले तक हरियाणा प्रदेश में चितकबरी सूंडी कपास की फसल का मुख्य हानिकारक कीट होती थी। पर आजकल यह सूंडी कपास की फसल में बहुत कम दिखाई देती है। यह सूंडी पै समय… 

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उत्तर पूर्वी राज्यों में तीन चौथाई से ज्यादा जंगल नष्ट

अमेरिका स्थित मैरीलैंड विश्वविद्यालय ने सैटेलाइट से प्राप्त करोड़ों तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर यह दावा किया है कि भारत में साल 2001 से 2020 के बीच वनों के दायरे में पांच फीसदी यानी… 

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प्राकृतिक कीटनाशी – सींगू बुगडा

सींगू बुगडा जिला जींद के परितंत्र में पाया जाने वाला एक सीधा-पादरा खून-चूसक परभक्षी है। वैसे तो यह कीट विभिन्न फसलों में पाए जाने वाले पच्चास से भी ज्यादा भांत-भांत के कीटों का खून चूस… 

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बणिया मत्कुण (Red Cotton Bug)

इस बणिये/मत्कुण को अंग्रेजी पढने-लिखने वाले लोग Red cotton bug कहते हैं। कीट वैज्ञानिक जगत में इसे Dysdercus singulatus के नाम से जाना जाता हैं। इसके परिवार का नाम Pyrrhocoridae तथा कुल का नाम Hemiptera… 

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कपास में सेधक कीट – लाल मत्कुण

लाल मत्कुण एक रस चूसक हानिकारक कीट है। यह सर्वव्यापी कीट वैसे तो हरियाणा में सारे साल पाया जाता है पर कपास की फसल पर इसका ज्यादा प्रकोप अगस्त से अक्तूबर तक देखा गया है।… 

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जंगीरा – एक परजीव्याभ सम्भीरका

जंगीरा हमारी फसलों में मिलीबग को काबू करने वाली एक परजीव्याभ सम्भीरका है। जी हाँ! उसी विदेशी मिलीबग को जिसने भारत में कपास की खेती के लिए गंभीर समस्या के रूप में देखा जाने लगा… 

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प्राकृतिक कीटनाशी – दस्यु बुगडा

“नन्ही – नन्ही बूंद पडै …….. साँग बिगडग्या सारा”, पंडित लखमी चंद की इन मियां – मियां बूंदों जितना बड़ा व बुनावट में गिरती हुई आंसू जैसा यह कीट जिला जींद में किसानों एवं उनकी… 

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