राम का घोड़ा या राम जी की गाय ?
इस धरती पर यू माणस भी गजब का प्राणी सै। मोह और माया के चक्कर में सब कुछ बाँट लिया। इस बंदर बाँट में शेर नै ना भूमि बक्शी और ना भगवान। निजी मुनाफे पर…
Read Moreइस धरती पर यू माणस भी गजब का प्राणी सै। मोह और माया के चक्कर में सब कुछ बाँट लिया। इस बंदर बाँट में शेर नै ना भूमि बक्शी और ना भगवान। निजी मुनाफे पर…
Read Moreघुघु के नाम व ठिकाने से सभी हरियाणा वासी भली-भांती परिचित हैं। यह कीड़ा खेत-खलियानों की सूखी व बारिक रेत में दिखाई देने वाले कीपनुमा गड्डों की तली में मिट्टी के नीचे छुप कर रहता…
Read Moreकीट नियंत्रण के नाम पर आज बाज़ार में जितने ब्राण्ड के जहरीले कीटनाशी उपलब्ध हैं, उनसे कहीं ज्यादा किस्म के कीटनाशी कीट हमारी फसलों में मौजूद हैं। इन्हीं कीटनाशी कीटों में एक यह है- इनो।…
Read Moreयू हरे धातुई रंग का भूंड जो बाजरे की सिर्टियों पर बैठा दूर तै एँ नजर आया करै। यू चर्वक किस्म का एक शाकाहारी गुबरैला सै। अंग्रेजी में इस कीड़े को Rose chafer के रूप…
Read Moreश्यामो एक परजीव्याभ संभिरका है जो अपने बच्चे पराये पेट पलवाती हैं। एकांकी जीवन जीने वाली इन संभिरकाओं के शारीर का रंग काला होता है पर इनकी झिलीदार पंखें नीली धात मारती हैं। इनके शारीर…
Read Moreजिला जींद के फसलतंत्र में किसान मित्र के रूप में डायन मक्खी भी पाई जाती हैं | जी, हाँ! , राजपुरा ईगराह रूपगढ, निडाना व ललित खेडा के किसान तो इसे इसी नाम से जानते…
Read Moreबड़ी – बड़ी आँखों वाला यह छोटा सा किसान हिमायती कीट जिला जींद में भी पाया जाता है। सिर के दोनों ओर बाहर तरफ की उभरी हुई बड़ी-बड़ी आखों के कारण ही इसे यहाँ के…
Read Moreरस चोर सफ़ेद मक्खी का जिक्र चलते ही आज पत्ता नहीं क्यों 13 साल पहले 1986 में पढा हुआ यह नारा याद आ गया, “चिट्टे कबूतर ते नीले मोर, सारे चोर – सारे चोर |”…
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