सर्दियां आते ही ओखला पक्षी विहार चहकने लगा है पक्षियों की रौनक से।

सर्दी के मौसम की शुरुआत होते ही ओखला पक्षी विहार में पक्षियों की रौनक बढ़ गई है। फिलहाल प्रवासी पक्षियों की संख्या 1500 के आसपास पहुंच गई है। लेकिन 15 नंवबर के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों के पहुंचने की संभावना हैं। हरवर्ष ओखला पक्षी विहार में सर्दियों के मौसम में हजारों की संख्या …

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दिल्ली के ऑटोचालक ने बनाया ग्रीन ऑटो और कमा रहा है धन पहचान और सम्मान

बिहार का महेंद्र, पिछले 25 सालों से दिल्ली में ऑटो चला रहे हैं। दिल्ली ने मौसम बेहद गर्म और बेहद ठंडा रहता है गर्मी के दिनों में वह अपने ऑटो की छत पर एक गीला कालीन रख लिया करते थे। इस साल महेंद्र ने एक नया प्रयोग किया है जिसमें उन्होंने ऑटो की छत थोड़ी …

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कपास में चुरड़ा – एक शाकाहारी कीट !

अंग्रेजों द्वारा थ्रिप्स कहा जाने वाला यह चुरड़ा कपास की फसल में पाया जाने वाला एक छोटा सा रस चुसक कीट है | कीट- वैज्ञानिक इसे Thrips tabaci के नाम से पुकारते हैं | बनावट में चरखे के ताकू जैसा यह कीट पीले-भूरे रंग का होता है | इस कीट की मादा अपने प्रजनन-कल में …

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मोयली – किसान हितेषी सम्भीरका

हरियाणा प्रान्त में भी विभिन्न फसलों पर चेपे / अल का आक्रमण अमूमन आये साल की आम बात है| इसमें अगर खास बात है तो वो यह है कि कीट नियंत्रण रूपी फल की आस में किसान केवल कीटनाशकों के छिडकाव का कर्म ही करते हैं| पर काला सच यह भी है कि स्थानीय पारिस्थितिक …

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प्राकृतिक कीटनाशी – कराईसोपा

हमारे यहाँ फसलों में पाया जाने वाला यह कराईसोपा एक महत्वपूर्ण कीटखोर कीट है। यह हमारी फसलों को हानि पहुँचाने वाले नर्म देह कीड़ों का प्रमुख प्राकृतिक शत्रु है। आमतौर पर इस कीट के प्रौढ़ रात को ही सक्रिय रहते हैं। अँधेरे में रोशनी पर आकर्षित होना इनके स्वभाव में शुमार होता है। हल्कि-हरे रंग …

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छैल-मक्खी – एक परभक्षिया कीटनाशी

छैल-मक्खी (Damsel fly) चौमासे (आमतौर पर जून, जुलाई और अगस्त) के दौरान विभिन्न फसलों में उड़ते हुए नजर आने वाली एक महत्वपूर्ण कीटखोर मक्खी है। हरियाणा में इसे तुलसा के नाम से जाना जाता है। लंबे, संकरे व पारदर्शी पंखों वाली ये मक्खियाँ कई रंगों में पाई जाती हैं। इन्हें लोपा-मक्खियों (Dragon flies) के मुकाबले …

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गुलाबी सूंडी – कपास का कीड़ा

दुनिया भर में कपास के मुख्य हानिकारक कीटों में शुमार यह गुलाबी सूंडी आजकल हरियाणा में कम ही पाई जाती है। कीट वैज्ञानिक जगत में इस कीड़े को Pectinophora gossypiella के नाम से जाना जाता है। खानदान व गौत्र के हिसाब से यह कीट Lepidoptera क्रम के Gelechiidae कुल से संबंध रखता है। इस कीट …

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लोपा मक्खी – एक परभक्षिया कीटनाशी

लगभग पच्चीस करोड़ साल से इस धरती पर बास कर रही इन किसान मित्र लोपा मक्खियों को विभिन्न देशों में अलग-अलग नजरिये से देखा जाता है। यूरोप व नई दुनियां के देशों में, लोपा मक्खियों को अक्सर बुरी नजर से देखा जाता है। इसीलिये तो इसे “शैतान की सूई, “कान-कटवी”, “नरक की घोड़ी”, “यमराज की …

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जयन्तु- एक परभक्षिया कीटनाशी राम का घोड़ा

राम का घोड़ा ! ना.. बाबा.. ना। यू तो नेता जी सै, पाछले जन्म में हाथ जोड़न की बाण कौन गई – हथजोड़े की । यू जो भी सै, सै पक्का छलिया। देखन में दूब बरगा अर दोनों हाथ जोड़े खड़ा| सिर पर इसकै ताज! मांस खाना मुख्य काज!! फेर तो यू ना राम का …

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प्राकृतिक कीटनाशी – अंगीरा !

2005 की साल हरियाणा प्रान्त में अमेरिकन कपास की साधारण किस्मों की जगह बी.टी. हाइब्रिडों का प्रचलन हुआ। इसके साथ ही कपास की फसल में फिनोकोक्स सोलेनोप्सिस नाम का मिलीबग भस्मासुर बन कर सामने आया और देखते-देखते ही कांग्रेस घास के पौधों पर भी छा गया। संयोग देखिये, अमेरिकन कपास, कांग्रेस घास व मिलीबग का …

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