आज का सबसे बड़ा मौसम अपडेट (All India Weather Forecast Update):
भारत में मानसून की गतिविधियां कई राज्यों में सक्रिय बनी हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश में 21 और 22 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, अगले एक सप्ताह के दौरान प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों में भी कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, मिजोरम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में बहुत भारी बारिश हुई, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में भी भारी बारिश दर्ज की गई।
आज के मौसम की 7 बड़ी बातें
- पूर्वी मध्य प्रदेश: 21 और 22 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना।
- ओडिशा: 24 से 27 अगस्त के बीच बहुत भारी बारिश हो सकती है।
- उत्तराखंड: 21 से 27 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना।
- पंजाब, हरियाणा और दिल्ली: 21 और 22 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: 22 से 24 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश।
- पूर्वोत्तर भारत: कई राज्यों में अगले कई दिनों तक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश।
- दक्षिण भारत: कई क्षेत्रों में बारिश जारी रहेगी, लेकिन अगले एक सप्ताह में कुल बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है।
पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 20 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 21 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक कई स्थानों पर 7 सेंटीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई।
सबसे अधिक 18 सेंटीमीटर बारिश उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के तूर्सा टी.जी. में दर्ज हुई। इसके बाद पूर्वी मध्य प्रदेश के नागोद, सतना में 16 सेंटीमीटर और मिजोरम के कोलासिब में 15 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
| स्थान | राज्य/क्षेत्र | बारिश |
|---|---|---|
| तूर्सा टी.जी. | उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल | 18 से.मी. |
| नागोद, सतना | पूर्वी मध्य प्रदेश | 16 से.मी. |
| कोलासिब | मिजोरम | 15 से.मी. |
| मदावरा, ललितपुर | पश्चिमी उत्तर प्रदेश | 12 से.मी. |
| अमराघाट | असम | 11 से.मी. |
| बदुसा, बांदा | पूर्वी उत्तर प्रदेश | 11 से.मी. |
| पोखरी | उत्तराखंड | 9 से.मी. |
| तिबरी | पंजाब | 9 से.मी. |
| डोलरिया, नर्मदापुरम | पश्चिमी मध्य प्रदेश | 8 से.मी. |
| मनालमेडु | तमिलनाडु | 7 से.मी. |
| माया बंदर | अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह | 7 से.मी. |
दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में बारिश की संभावना
दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में आने वाले दिनों में मौसम सक्रिय रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 22 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा 21 और 22 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
दिल्ली में 21 अगस्त को आमतौर पर बादल छाए रहने और दोपहर से शाम के बीच कई स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना है। 22 अगस्त को भी कई स्थानों पर बारिश के एक-दो दौर के साथ कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है।
सावधानी: तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है। स्थानीय मौसम की जानकारी और प्रशासन की चेतावनी पर ध्यान दें।
पंजाब में 21-22 अगस्त को भारी बारिश
पंजाब में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार तिबरी में 9 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अब 21 और 22 अगस्त को पंजाब में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
खेतों में पानी जमा होने की स्थिति में अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था रखें। पंजाब और हरियाणा के किसानों को खड़ी फसलों वाले खेतों से अतिरिक्त पानी जल्द निकालने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान में राजस्थान के लिए मुख्य रूप से कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बताई गई है। इसलिए राज्य के सभी जिलों में मौसम एक जैसा रहने की उम्मीद नहीं है।
किसानों को अपने स्थानीय बारिश पूर्वानुमान के अनुसार सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों की योजना बनानी चाहिए।
उत्तराखंड में 27 अगस्त तक बारिश
उत्तराखंड में बारिश का दौर लंबे समय तक जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 21 से 27 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश की संभावना है।
इसी अवधि में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की भी संभावना है।
पिछले 24 घंटे में उत्तराखंड के पोखरी में 9 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई।
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान यात्रा करने वाले लोग स्थानीय प्रशासन की चेतावनी और सड़क की स्थिति जरूर देखें।
हिमाचल प्रदेश में 21-22 अगस्त को बारिश
हिमाचल प्रदेश में 21 और 22 अगस्त को कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। इन दोनों दिनों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
23 से 27 अगस्त के बीच भी कुछ इलाकों में बारिश जारी रहने का अनुमान है।
भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क और यातायात प्रभावित हो सकता है। यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की जानकारी जरूर लें।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में 21 से 23 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है।
22 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 24 से 27 अगस्त के दौरान भी कुछ इलाकों में बारिश जारी रह सकती है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर सक्रिय
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में अच्छी बारिश दर्ज हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मदावरा, ललितपुर में 12 सेंटीमीटर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बदुसा, बांदा में 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश की संभावना है। वहीं 21 और 22 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
किसानों के लिए सलाह
धान, दलहन, तिलहन और सब्जियों वाले खेतों में जलभराव न होने दें। निचले इलाकों से अतिरिक्त पानी जल्द निकालने की व्यवस्था रखें।
मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा
मध्य प्रदेश इस समय देश के प्रमुख बारिश वाले क्षेत्रों में बना हुआ है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटों में बहुत भारी बारिश हुई और नागोद, सतना में 16 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। पश्चिमी मध्य प्रदेश के डोलरिया, नर्मदापुरम में भी 8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी यह है कि पूर्वी मध्य प्रदेश में 21 और 22 अगस्त को 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 25 अगस्त के दौरान बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
पूर्वी मध्य प्रदेश में सोयाबीन, मक्का, धान और सब्जियों के खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें। जिन खेतों में पानी भर गया है, वहां कृषि कार्य, उर्वरक डालने और पौध संरक्षण संबंधी कार्य कुछ समय के लिए टालने की सलाह दी गई है।
विदर्भ में 23-25 अगस्त को बारिश
विदर्भ में 23 से 25 अगस्त के दौरान कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। 21-22 अगस्त और 26-27 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में 27 अगस्त तक बारिश
छत्तीसगढ़ में 21 से 27 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
21 से 25 अगस्त के दौरान गरज और बिजली चमकने की संभावना भी है।
किसानों के लिए सलाह
धान, मक्का, मूंगफली, लघु अनाज और दलहन के खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखें।
बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें।
झारखंड में 22-27 अगस्त तक बारिश
झारखंड में 22 से 27 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है।
23 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
भारी बारिश वाले दिनों में निचले इलाकों, खेतों और जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी रखें।
बिहार में 22-25 अगस्त तक भारी बारिश
बिहार में 22 से 24 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा 22 से 25 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
धान, मक्का, दलहन और अन्य खड़ी फसलों वाले खेतों में अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखें, खासकर निचले इलाकों में।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में पिछले 24 घंटों में बहुत भारी बारिश दर्ज हुई। तूर्सा टी.जी. में 18 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो इस अवधि में दर्ज सबसे अधिक बारिश रही।
अब 21 से 27 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना है और 21 से 26 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
गंगीय पश्चिम बंगाल में भी 21 से 27 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश की संभावना है।
ओडिशा में 24-27 अगस्त को बहुत भारी बारिश
ओडिशा में 22 से 27 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है।
22 और 23 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 24 से 27 अगस्त तक बहुत भारी बारिश की संभावना है।
इसलिए ओडिशा में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव 24 से 27 अगस्त के बीच देखने को मिल सकता है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
खरीफ धान, मक्का, दलहन, कपास, अरहर, केला और सब्जियों के खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था मजबूत रखें। खेतों की नालियों, जल निकासी मार्गों और मेड़ों को साफ रखें।
असम में बारिश और अचानक बाढ़ का खतरा
असम में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश हुई। अमराघाट में 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अब असम और मेघालय में 21 से 23 अगस्त और फिर 25 से 27 अगस्त के दौरान कई इलाकों में बारिश की संभावना है। 21 से 27 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए असम-मेघालय के कुछ क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर के अचानक बाढ़ के खतरे की संभावना भी बताई है।
नदी, नाले और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में बारिश
अरुणाचल प्रदेश में 21 अगस्त को कई इलाकों में बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 23 से 27 अगस्त के दौरान भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 21 से 23 अगस्त और फिर 25 से 27 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश की संभावना है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान यात्रा करते समय सड़क की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी जरूर देखें।
केरल और लक्षद्वीप में बारिश
केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 21 से 27 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है।
केरल में 23 से 25 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
समुद्र से जुड़े काम करने वाले लोगों को मौसम विभाग की समुद्री चेतावनियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
कर्नाटक में बारिश के साथ तेज हवाओं की संभावना
तटीय कर्नाटक में 21 से 27 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश की संभावना है।
23 और 24 अगस्त को तटीय कर्नाटक तथा उत्तर आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अगस्त के दौरान गरज, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है।
कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है।
तमिलनाडु में 24-25 अगस्त को भारी बारिश
तमिलनाडु में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश हुई। मनालमेडु में 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
21 से 23 अगस्त के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है। 24 और 25 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
तेलंगाना और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में बारिश
तेलंगाना समेत दक्षिण भारत के कई हिस्सों में 21 से 27 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
भारी बारिश के दौरान क्या सावधानी रखें?
मौसम विभाग के अनुसार बहुत भारी बारिश के कारण पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं और बागवानी तथा खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। कमजोर घरों, दीवारों और सड़कों को भी नुकसान पहुंच सकता है। निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
किसानों के लिए 5 जरूरी मौसम सलाह
1. खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें
लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव न होने दें और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखें।
2. जलभराव वाले खेतों में काम रोकें
पूर्वी मध्य प्रदेश में जलभराव वाले खेतों में कृषि कार्य, उर्वरक डालने और पौध संरक्षण संबंधी कार्य टालने की सलाह दी गई है।
3. सब्जियों और बागवानी फसलों को सहारा दें
तेज हवा और बारिश में फसलों के गिरने से बचाने के लिए आवश्यकतानुसार पौधों को सहारा दें।
4. कटी हुई फसल को सुरक्षित रखें
तेज हवाओं की संभावना वाले क्षेत्रों में कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढकें।
5. पशुओं और चारे की सुरक्षा करें
भारी बारिश के दौरान पशुओं को सुरक्षित शेड में रखें और चारे को नमी से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें।
ग्रीन अलर्ट्स मौसम विश्लेषण
21 से 27 अगस्त के बीच देश में सबसे महत्वपूर्ण बारिश की गतिविधि मध्य भारत, उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों और पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत में रहने की संभावना है।
सबसे पहले पूर्वी मध्य प्रदेश में 21 और 22 अगस्त की बहुत भारी बारिश पर नजर रखना जरूरी है। इसके बाद ओडिशा में 24 से 27 अगस्त की बहुत भारी बारिश महत्वपूर्ण रहेगी।
उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में भी आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
किसानों के लिए इस पूरे दौर में जलभराव से बचाव और खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। वहीं पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
महत्वपूर्ण: मौसम का पूर्वानुमान समय के साथ बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वानुमान की अवधि बढ़ने के साथ उसकी सटीकता कम होती जाती है। इसलिए अपने जिले के लिए नवीनतम मौसम चेतावनी जरूर देखें।
स्रोत
भारत मौसम विज्ञान विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार (IMD)