Published: 19 अगस्त 2026
Last Updated: 19 अगस्त 2026
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)
Analysis: Green Alerts Weather Desk
भारत में मानसून की गतिविधियां इस समय कई क्षेत्रों में सक्रिय हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर झारखंड और आसपास के दक्षिण-पश्चिम बिहार तथा दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर एक सक्रिय मौसमी सिस्टम बना हुआ है। इसके धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले लगभग 12 घंटों में कमजोर पड़ने की संभावना है।
इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से मध्य, उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी और अत्यधिक भारी बारिश का भी खतरा है।
आज के मौसम की सबसे महत्वपूर्ण बातें
- पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में आज बहुत भारी बारिश का अलर्ट।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19–20 अगस्त को बहुत भारी बारिश संभव।
- छत्तीसगढ़ में 19–21 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
- हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
- पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 19 अगस्त को भारी बारिश की संभावना।
- बिहार और झारखंड में भी आज भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
- पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
- दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में 19 अगस्त को भारी बारिश संभव है।
पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
IMD के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में 29 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक वर्षा में शामिल है।
इसके अलावा:
- हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर टीरा — 16 सेंटीमीटर
- झारखंड के चांदवा, लातेहार — 16 सेंटीमीटर
- पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ — 13 सेंटीमीटर
- पूर्वी मध्य प्रदेश के देवसर, सिंगरौली — 13 सेमी
- असम के लहरीघाट — 10 सेमी
- जम्मू — 9 सेमी
- उत्तराखंड के कालसी — 8 सेमी
- उत्तराखंड के कोटद्वार — 8 सेमी
- बिहार के हिल्सा, नालंदा — 8 सेमी
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मौजूदा मानसूनी गतिविधि का प्रभाव केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश सक्रिय है।
19 अगस्त को उत्तर और पश्चिमी हिमालय में मौसम
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 19 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 19 से 22 अगस्त के दौरान कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
उत्तराखंड में बारिश का दौर अपेक्षाकृत लंबा रह सकता है। यहां 19 से 25 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव, अचानक पानी बढ़ने, भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह पर ध्यान देना चाहिए।
पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में आज बारिश का अलर्ट
पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 19 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है।
शहरी क्षेत्रों में कम समय में तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किसानों के लिए भी बारिश की स्थिति को देखते हुए सिंचाई, कीटनाशक या पोषक तत्वों के छिड़काव जैसे कार्यों की योजना मौसम देखकर बनाना उपयोगी रहेगा।
बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। खुले खेतों में काम करने वाले लोगों को आकाशीय बिजली के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में 19 से 22 अगस्त तक सक्रिय रहेगा बारिश का दौर
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 20 से 22 अगस्त के दौरान भी भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 और 20 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश के कई कृषि क्षेत्रों में बारिश फसलों के लिए उपयोगी हो सकती है, लेकिन कम समय में अत्यधिक वर्षा होने पर खेतों में जलभराव भी समस्या बन सकता है। विशेष रूप से निचले क्षेत्रों के किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी पर ध्यान देना चाहिए।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का सबसे बड़ा असर
पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 19 से 22 अगस्त तक कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में भी 19 से 21 अगस्त के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
बलरामपुर में पिछले 24 घंटों में 29 सेंटीमीटर बारिश दर्ज होना इस क्षेत्र में सक्रिय मौसम प्रणाली की तीव्रता को दर्शाता है।
जहां बारिश पहले ही अधिक हो चुकी है, वहां आने वाले दिनों में अतिरिक्त वर्षा से खेतों, निचले इलाकों और स्थानीय जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
झारखंड और बिहार में भी बारिश जारी रहने की संभावना
उत्तर झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मौसमी सिस्टम वर्तमान मौसम गतिविधि का एक प्रमुख कारण है।
झारखंड और बिहार में 19 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 21 से 23 अगस्त के बीच भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
झारखंड के चांदवा में पिछले 24 घंटे में 16 सेंटीमीटर तथा बिहार के हिल्सा में 8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
किसानों को खेतों में पानी की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए और अत्यधिक गीली मिट्टी में अनावश्यक कृषि कार्य करने से बचना चाहिए।
पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का दौर
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
पहाड़ी और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय नदियों और नालों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
दक्षिण भारत में कहां बारिश होगी?
केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में 19 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
दक्षिण भारत में बारिश का वितरण क्षेत्रवार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए किसी पूरे राज्य के लिए समान मौसम मानने के बजाय स्थानीय या जिला स्तर के पूर्वानुमान को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।
Green Alerts का मौसम विश्लेषण: किसानों के लिए इसका क्या मतलब है?
वर्तमान मौसम स्थिति को देखते हुए किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात केवल बारिश की मात्रा नहीं, बल्कि बारिश का समय और लगातार होने वाली वर्षा है।
जहां अगले 24–48 घंटे में भारी बारिश की संभावना है, वहां किसानों को मौसम की स्थिति देखकर सिंचाई का निर्णय लेना चाहिए। यदि पर्याप्त बारिश हो चुकी है तो अनावश्यक सिंचाई से पानी और लागत दोनों की बचत की जा सकती है।
इसी तरह भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में कीटनाशक, फफूंदनाशक या पोषक तत्वों के छिड़काव को मौसम देखकर करना अधिक प्रभावी रहेगा। तेज बारिश के तुरंत पहले किया गया छिड़काव अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकता।
धान, सब्जियों और अन्य फसलों वाले क्षेत्रों में लगातार बारिश की स्थिति में जल निकासी पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
भारी बारिश के दौरान:
- निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
- बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ या अकेली ऊंची संरचनाओं के नीचे न खड़े हों।
- पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
- नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें।
- मौसम की जानकारी के लिए आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों का उपयोग करें।
अगले कुछ दिनों का संक्षिप्त मौसम ट्रेंड
19 अगस्त: उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश सक्रिय। पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश का खतरा।
20 अगस्त: उत्तर प्रदेश, मध्य भारत और हिमालयी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना।
21–22 अगस्त: हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।
23–25 अगस्त: उत्तराखंड और कुछ अन्य क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधि बनी रह सकती है। स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार स्थिति में बदलाव संभव है।
आपके जिले में कैसा रहेगा मौसम?
भारत में मौसम की स्थिति राज्य के भीतर भी तेजी से बदल सकती है। इसलिए राज्य स्तर के पूर्वानुमान के साथ जिला और ब्लॉक स्तर की मौसम जानकारी देखना अधिक उपयोगी है।
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स्रोत और संपादकीय जानकारी
यह मौसम रिपोर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 19 अगस्त 2026 की आधिकारिक मौसम जानकारी पर आधारित है।
Green Alerts का उद्देश्य आधिकारिक मौसम आंकड़ों और पूर्वानुमानों को किसानों तथा आम लोगों के लिए सरल और उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना है। राज्यवार पूर्वानुमान के साथ Green Alerts द्वारा संभावित कृषि और दैनिक जीवन संबंधी प्रभावों को समझाने का प्रयास किया गया है।
Source: India Meteorological Department (IMD)
Prepared by: Green Alerts Weather Desk
Written by: Kamal Jeet
Edited by: Nisha Kaushik
Verified by: Aarti
नोट: मौसम पूर्वानुमान में समय के साथ बदलाव हो सकता है। गंभीर मौसम की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और IMD द्वारा जारी नवीनतम चेतावनी को प्राथमिकता दें।
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