Uttar Pradesh Weather Forecast — District-Wise 10-Day Forecast

Today's temperature, rainfall, humidity and a full 10-day outlook for every district in Uttar Pradesh — right down to block and gram panchayat level, sourced daily from the India Meteorological Department (IMD).

📢 Shriramshantay Organic Farming Research And Training Centre Kota Advisory

खरीफ की फसलों में उपयोगी कीट नियंत्रक

आग्नेयास्त्र (पांच पत्ती काढा)आग्नेयास्त्र (पांच पत्ती काढा) का उपयोग फलों में होने वाली सूंडी एवं इल्लियों के लिए किया जाता है।सामग्री20 लीटर गोमूत्र500 ग्राम तम्बाकू का पाउडर5 किलोग्राम नीम के पत्ते की चटनी500 ग्राम हरी तीखी मिर्च500 ग्राम देशी लहसुन की चटनीबनाने की विधि -उपरोक्त ऊपर लिखी हुई सामग्री को एक मिट्टी के बर्तन में डाले और गर्म करें। चार बार उबाल आ जाने के बाद आग से उतार कर ठण्ड़ा करें। आग से उतरने के बाद 48 घण्टे छाया में रखें। 48 घण्टे में चार बार डण्डें से चलाएं। यह 48 घण्टे में तैयार हो जाएगा।भण्डारण एवं अन्य सावधानियाँ -आग्नेयास्त्र का प्रयोग भण्डारण करके केवल तीन माह तक कर सकते है। उबालने के लिए मिट्टी के बर्तन को ही लें। गोमूत्र धातु के बर्तन में न ले, न, ही भण्डारित करें।उपयोगप्रति एकड़ के लिए 5 लीटर। घोल को छानकर 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे मशीन या नीम के गुच्छे से छिड़काव करे।तीन माह तक स्टोर (भण्डारण) करें।
Natural farming

State Level Advisory · Shriramshantay Organic Farming Research and Training Centre Kota · 29 Aug 2026, 02:13 PM IST

Weather Forecast from 29th to 4th September 2026

The India Meteorological Department (IMD), under the Ministry of Earth Sciences, Government of India, has issued an official press release on 29 August 2026 at 02:00 IST. The information contained in this advisory is based on the latest meteorological observations and forecasts issued by IMD.
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National Level Advisory · Kisan Sanchar · 29 Aug 2026, 02:01 PM IST

Weather Forecast from 27th to 2nd September 2026

The India Meteorological Department (IMD), under the Ministry of Earth Sciences, Government of India, has issued an official press release on 27 August 2026 at 02:00 IST. The information contained in this advisory is based on the latest meteorological observations and forecasts issued by IMD.
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National Level Advisory · Kisan Sanchar · 27 Aug 2026, 02:13 PM IST

खरीफ की फसलों में तत्काल परिणाम हेतु कीट नियंत्रण की विधि-

खरीफ की फसलों (सोयाबीन मूंग, उड़द, धान, मक्का, आदि) में  20 दिन की फसल पर हानिकारक कीड़ों का घातक प्रभाव शुरू हो जाता है। इस के लिए 20 दिन की फसल पर कीट नियन्त्रण हेतु तम्बाकू गौ- मूत्र का घोल बनाएं इसका विवरण निम्नलिखित है -
तम्बाकू घोल तैयार करने के लिए 10 लीटर गोमूत्र, 1 किलोग्राम तम्बाकू पाउडर व 250 gm ग्वारपाठा/एलोवेरा रस ( ग्वारपाठा ना मिलने पर 1 कपड़े धोने का साबुन) को एक उबाल आने तक गर्म करे ठण्डा होने पर घोल को छाने अब 100 लीटर पानी मे इस घोल को मिलाकर स्प्रे करे यह घोल 1 बीघा के लिए है
जैविक खेती

State Level Advisory · Shriramshantay Organic Farming Research and Training Centre Kota · 27 Aug 2026, 11:29 AM IST

Weather Forecast from 26th to 1st September 2026

The India Meteorological Department (IMD), under the Ministry of Earth Sciences, Government of India, has issued an official press release on 26 August 2026 at 02:00 IST. The information contained in this advisory is based on the latest meteorological observations and forecasts issued by IMD
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National Level Advisory · Kisan Sanchar · 26 Aug 2026, 02:11 PM IST

खरीफ की फसलों में गोमूत्र व चूना घोल की प्रयोग विधि

गोमूत्र व चूना घोल की प्रयोग विधि. वानस्पतिक बढ़वार हेतु छिड़काव 1.5 लीटर गोमूत्र और 24 ग्राम चूना (पान/ तम्बाकू में उपयोग होने वाला) को मिलाकर 13 लीटर पानी के लिए उपयोग करें।विशेष विवरण:- बाजार में चूना अलग-अलग तरीके से उपलब्ध होता है। जैसे- छोटी ट्यूब, बड़ी ट्यूब एवं शिशी में भी तरल चूना मिलता है। उपरोक्त प्रयोग में 4 इंच वाली ट्यूब उपयोग कर सकते हैं या इनमें से किसी भी एक ट्यूब से 4 चाय वाले चम्मच चूना को 1.5 लीटर गोमूत्र के साथ 13.5 लीटर पानी के लिए उपयोग करें।फलदार एवं छायादार पेड़ों में यह छिड़काव निम्न अनुसार करेंपहला छिड़काव फूल आने से पहले, दूसरा छिड़काव मूंग के दाने के बराबर का फल बनने पर एवं अन्तिम छिड़काव मध्यम आकार के फल बनने पर करें।खड़ी फसल मे प्रयोग - रोपाई या सीधी बुवाई के 1 माह बाद, प्रथम छिड़काव इसके बाद 15 दिन के अन्तराल पर दूसरा छिड़काव गोमूत्र चूने का छिड़काव जरूर करें।सब्जियों में - रोपाई या सीधी बुवाई के 1 माह बाद, प्रथम छिड़काव इसके बाद प्रत्येक 15 दिन के अन्तराल पर गोमूत्र चूने का छिड़काव जरूर करें।उपरोक्त के अतिरिक्त फसलों में बड़वार कम दिखने पर पीलापन आने पर कभी भी छिड़काव करके परिणाम लिए जा सकते हैं।किचन गार्डन एवं घरों में लगाए गए सब्जियों एवं पेड़ों में बढ़वार या घरेलू वृक्षों में फुटान रुकी हुई है तो गोमूत्र चूने का छिड़काव जरुर करें।
जैविक खेती

State Level Advisory · Shriramshantay Organic Farming Research and Training Centre Kota · 26 Aug 2026, 01:17 PM IST

Weather Forecast from 25th to 31st August 2026

The India Meteorological Department (IMD), under the Ministry of Earth Sciences, Government of India, has issued an official press release on 25 August 2026 at 02:00 IST. The information contained in this advisory is based on the latest meteorological observations and forecasts issued by IMD.
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National Level Advisory · Kisan Sanchar · 25 Aug 2026, 02:24 PM IST

मासिक प्रशिक्षण कार्यक्रम

मासिक प्रशिक्षण कार्यक्रम
जैविक खेती

State Level Advisory · Shriramshantay Organic Farming Research and Training Centre Kota · 24 Aug 2026, 08:42 PM IST

Weather Forecast from 24th to 30th August 2026

The India Meteorological Department (IMD), under the Ministry of Earth Sciences, Government of India, has issued an official press release on 24 August 2026 at 02:00 IST. The information contained in this advisory is based on the latest meteorological observations and forecasts issued by IMD.
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National Level Advisory · Kisan Sanchar · 24 Aug 2026, 02:02 PM IST

ताजा गोबर के उपयोग से लाभ

ताजा गोबर के उपयोग से लाभ 1. इसके प्रयोग से फसलों की पैदावार में वृद्धि होती है।2. मृदा स्वास्थ्य को रासायनिक उर्वरको, दीमकनाशी, खरपतवारनाशी के दुष्प्रभाव से बचाते है।3. किसी भी प्रकार का बाजारू कल्चर, कैप्सूल, घोल, पाउडर आदि जैव उर्वरक क्रय नही करने से पैसा बचेगा 4.    ताजें गोबर के प्रयोग से देशी गाय का महत्व बढ़ेगा, उपयोगिता बढे़गी वस्तुतः पशुपालन को बढावा मिलेगा। 5. खेत खेत में ड्रम की जगह गाय का महत्त्व बढे़गा। 6. जैव अपशिष्ट का अपघटन जल्दी होगा, जैविक कार्बन में वृद्धि होगी।7. भूमि की जैविक, रासायनिक एवं भौतिक संरचना में सुधार आएगा। 8. बीजों की अकुंरण क्षमता में वृद्धि होती है।9. देशी गाय के ताजे गोबर के उपयोग से भूमि की आन्तरिक समूह में निवासित कैचुएं को बढावा मिलता है जिससे भूमि का भुरभुरापन बढता है एवं जलधारण क्षमता में इजाफा होता है।
Natural Farming

State Level Advisory · Shriramshantay Organic Farming Research and Training Centre Kota · 23 Aug 2026, 01:10 PM IST

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