खरीफ की फसलों में तत्काल परिणाम हेतु कीट नियंत्रण की विधि-
खरीफ की फसलों (सोयाबीन मूंग, उड़द, धान, मक्का, आदि) में 20 दिन की फसल पर हानिकारक कीड़ों का घातक प्रभाव शुरू हो जाता है। इस के लिए 20 दिन की फसल पर कीट नियन्त्रण हेतु तम्बाकू गौ- मूत्र का घोल बनाएं इसका विवरण निम्नलिखित है -
तम्बाकू घोल तैयार करने के लिए 10 लीटर गोमूत्र, 1 किलोग्राम तम्बाकू पाउडर व 250 gm ग्वारपाठा/एलोवेरा रस ( ग्वारपाठा ना मिलने पर 1 कपड़े धोने का साबुन) को एक उबाल आने तक गर्म करे ठण्डा होने पर घोल को छाने अब 100 लीटर पानी मे इस घोल को मिलाकर स्प्रे करे यह घोल 1 बीघा के लिए है
जैविक खेती
State Level Advisory
· Shriramshantay Organic Farming Research and Training Centre Kota · 27 Aug 2026, 11:29 AM IST
Weather Forecast from 26th to 1st September 2026
The India Meteorological Department (IMD), under the Ministry of Earth Sciences, Government of India, has issued an official press release on 26 August 2026 at 02:00 IST. The information contained in this advisory is based on the latest meteorological observations and forecasts issued by IMD
National Level Advisory
· Kisan Sanchar · 26 Aug 2026, 02:11 PM IST
खरीफ की फसलों में गोमूत्र व चूना घोल की प्रयोग विधि
गोमूत्र व चूना घोल की प्रयोग विधि. वानस्पतिक बढ़वार हेतु छिड़काव 1.5 लीटर गोमूत्र और 24 ग्राम चूना (पान/ तम्बाकू में उपयोग होने वाला) को मिलाकर 13 लीटर पानी के लिए उपयोग करें।विशेष विवरण:- बाजार में चूना अलग-अलग तरीके से उपलब्ध होता है। जैसे- छोटी ट्यूब, बड़ी ट्यूब एवं शिशी में भी तरल चूना मिलता है। उपरोक्त प्रयोग में 4 इंच वाली ट्यूब उपयोग कर सकते हैं या इनमें से किसी भी एक ट्यूब से 4 चाय वाले चम्मच चूना को 1.5 लीटर गोमूत्र के साथ 13.5 लीटर पानी के लिए उपयोग करें।फलदार एवं छायादार पेड़ों में यह छिड़काव निम्न अनुसार करेंपहला छिड़काव फूल आने से पहले, दूसरा छिड़काव मूंग के दाने के बराबर का फल बनने पर एवं अन्तिम छिड़काव मध्यम आकार के फल बनने पर करें।खड़ी फसल मे प्रयोग - रोपाई या सीधी बुवाई के 1 माह बाद, प्रथम छिड़काव इसके बाद 15 दिन के अन्तराल पर दूसरा छिड़काव गोमूत्र चूने का छिड़काव जरूर करें।सब्जियों में - रोपाई या सीधी बुवाई के 1 माह बाद, प्रथम छिड़काव इसके बाद प्रत्येक 15 दिन के अन्तराल पर गोमूत्र चूने का छिड़काव जरूर करें।उपरोक्त के अतिरिक्त फसलों में बड़वार कम दिखने पर पीलापन आने पर कभी भी छिड़काव करके परिणाम लिए जा सकते हैं।किचन गार्डन एवं घरों में लगाए गए सब्जियों एवं पेड़ों में बढ़वार या घरेलू वृक्षों में फुटान रुकी हुई है तो गोमूत्र चूने का छिड़काव जरुर करें।
जैविक खेती
State Level Advisory
· Shriramshantay Organic Farming Research and Training Centre Kota · 26 Aug 2026, 01:17 PM IST
Weather Forecast from 25th to 31st August 2026
The India Meteorological Department (IMD), under the Ministry of Earth Sciences, Government of India, has issued an official press release on 25 August 2026 at 02:00 IST. The information contained in this advisory is based on the latest meteorological observations and forecasts issued by IMD.
National Level Advisory
· Kisan Sanchar · 25 Aug 2026, 02:24 PM IST
मासिक प्रशिक्षण कार्यक्रम
जैविक खेती
State Level Advisory
· Shriramshantay Organic Farming Research and Training Centre Kota · 24 Aug 2026, 08:42 PM IST
Weather Forecast from 24th to 30th August 2026
The India Meteorological Department (IMD), under the Ministry of Earth Sciences, Government of India, has issued an official press release on 24 August 2026 at 02:00 IST. The information contained in this advisory is based on the latest meteorological observations and forecasts issued by IMD.
National Level Advisory
· Kisan Sanchar · 24 Aug 2026, 02:02 PM IST
ताजा गोबर के उपयोग से लाभ
ताजा गोबर के उपयोग से लाभ 1. इसके प्रयोग से फसलों की पैदावार में वृद्धि होती है।2. मृदा स्वास्थ्य को रासायनिक उर्वरको, दीमकनाशी, खरपतवारनाशी के दुष्प्रभाव से बचाते है।3. किसी भी प्रकार का बाजारू कल्चर, कैप्सूल, घोल, पाउडर आदि जैव उर्वरक क्रय नही करने से पैसा बचेगा 4. ताजें गोबर के प्रयोग से देशी गाय का महत्व बढ़ेगा, उपयोगिता बढे़गी वस्तुतः पशुपालन को बढावा मिलेगा। 5. खेत खेत में ड्रम की जगह गाय का महत्त्व बढे़गा। 6. जैव अपशिष्ट का अपघटन जल्दी होगा, जैविक कार्बन में वृद्धि होगी।7. भूमि की जैविक, रासायनिक एवं भौतिक संरचना में सुधार आएगा। 8. बीजों की अकुंरण क्षमता में वृद्धि होती है।9. देशी गाय के ताजे गोबर के उपयोग से भूमि की आन्तरिक समूह में निवासित कैचुएं को बढावा मिलता है जिससे भूमि का भुरभुरापन बढता है एवं जलधारण क्षमता में इजाफा होता है।
Natural Farming
State Level Advisory
· Shriramshantay Organic Farming Research and Training Centre Kota · 23 Aug 2026, 01:10 PM IST
Weather Forecast from 22nd to 28th August 2026
The India Meteorological Department (IMD), under the Ministry of Earth Sciences, Government of India, has issued an official press release on 22 August 2026 at 02:00 IST. The information contained in this advisory is based on the latest meteorological observations and forecasts issued by IMD.
National Level Advisory
· Kisan Sanchar · 22 Aug 2026, 01:57 PM IST
फलदार एवं छायादार पेड़ो में ताजा गोबर घोल के उपयोग की विधि
फलदार एवं छायादार पेड़ो में ताजा गोबर घोल देने हेतु नीचे दिए गए विवरणानुसार ताजा गोबर को घोल कर पेड़ के चारों ओर गोल घेरे में सिंचाई के समय पिलाऐं। समय:- 1 वर्ष का पेड़ - 1 किलोग्राम ताजा गोबर + 10 लीटर पानी तने से एक फीट दूर। 2 वर्ष का पेड़ - 2 किलोग्राम ताजा गोबर + 20 लीटर पानी तने से दो फीट दूर। 3 वर्ष का पेड़ - 3 किलोग्राम ताजा गोबर + 30 लीटर पानी तने से दो फीट दूर। 4 वर्ष का पेड़ - 4 किलोग्राम ताजा गोबर + 40 लीटर पानी तने से तीन फीट दूर। 5 वर्ष का पेड़ - 5 किलोग्राम ताजा गोबर + 50 लीटर पानी तने से तीन फीट दूर।उसके बाद हर वर्ष 5 किलोग्राम ताजा गोबर 50 लीटर पानी तने से तीन फीट दूर मिलाएं।
naturalfarming जैविक खेती
State Level Advisory
· Shriramshantay Organic Farming Research and Training Centre Kota · 22 Aug 2026, 12:11 PM IST
Weather Forecast from 21st to 27th August 2026
The India Meteorological Department (IMD), under the Ministry of Earth Sciences, Government of India, has issued an official press release on 21 August 2026 at 02:00 IST. The information contained in this advisory is based on the latest meteorological observations and forecasts issued by IMD.
National Level Advisory
· Kisan Sanchar · 21 Aug 2026, 02:03 PM IST