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प्राकृतिक कीटनाशी – सींगू बुगडा

सींगू बुगडा जिला जींद के परितंत्र में पाया जाने वाला एक सीधा-पादरा खून-चूसक परभक्षी है। वैसे तो यह कीट विभिन्न फसलों में पाए जाने वाले पच्चास से भी ज्यादा भांत-भांत के कीटों का खून चूस… 

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बणिया मत्कुण (Red Cotton Bug)

इस बणिये/मत्कुण को अंग्रेजी पढने-लिखने वाले लोग Red cotton bug कहते हैं। कीट वैज्ञानिक जगत में इसे Dysdercus singulatus के नाम से जाना जाता हैं। इसके परिवार का नाम Pyrrhocoridae तथा कुल का नाम Hemiptera… 

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कपास में सेधक कीट – लाल मत्कुण

लाल मत्कुण एक रस चूसक हानिकारक कीट है। यह सर्वव्यापी कीट वैसे तो हरियाणा में सारे साल पाया जाता है पर कपास की फसल पर इसका ज्यादा प्रकोप अगस्त से अक्तूबर तक देखा गया है।… 

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जंगीरा – एक परजीव्याभ सम्भीरका

जंगीरा हमारी फसलों में मिलीबग को काबू करने वाली एक परजीव्याभ सम्भीरका है। जी हाँ! उसी विदेशी मिलीबग को जिसने भारत में कपास की खेती के लिए गंभीर समस्या के रूप में देखा जाने लगा… 

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प्राकृतिक कीटनाशी – दस्यु बुगडा

“नन्ही – नन्ही बूंद पडै …….. साँग बिगडग्या सारा”, पंडित लखमी चंद की इन मियां – मियां बूंदों जितना बड़ा व बुनावट में गिरती हुई आंसू जैसा यह कीट जिला जींद में किसानों एवं उनकी… 

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प्राकृतिक कीटनाशी – कातिल बुगडा

बुड्डा हो या जवान, हत्या सेती काम। “जी, हाँ! यही काम है इस शांत से दिखाई देने वाले कीट का। निडाना, रूपगढ़, राजपुरा व ईगराह के किसान इसे कातिल बुगडा कहते हैं। यूरोपियन लोग इसे… 

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कपास में शाकाहारी कीट – तेला

अमेरिकन कपास में पत्तों से रस चूस कर गुज़ारा करने वाले मुख्य कीटों में से एक है यह तेला। यह तोतिया रंग का होता है जिसे हरियाणा में हरे तेले के रूप में जाना जाता… 

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कपास का भस्मासुर – मिलीबग MEALYBUG PARASITOID

बी टी बीजों के प्रचलन के साथ ही कपास की फसल में एक नए कीड़े के प्रकोप की शुरुआत हुई है । इस कीट का नाम मिलीबग है । लोग इसे मिलीभगत,फुही व भस्मासुर आदि… 

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