Skip to content

जरूरतमंद जीवों को रैस्क्यु करने व प्राथमिक चिकित्सा हेतू गांव स्तर की टीम के गठन में करें सहयोग


अक्तूबर से मनाए जाने वाले वन्यप्राणी सुरक्षा सप्ताह में दिया जाएगा प्रशिक्षण।


जैसा कि आप सभी को विदित है हम अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के अधीन प्रथम चरण में हरियाणा के चार जिलों फतेहाबाद, हिसार, सिरसा व भिवानी में जरूरतमंद जीवों को रैस्क्यु करने व प्राथमिक चिकित्सा हेतू गांव स्तर की टीम के गठन करने जा रहे है।

आमजन व कार्यकर्ताओं को भी घायल वन्यजीव को हैंडल करने के तरीके पता नहीं होते और इसी अज्ञानता के कारण वन्यजीव गलत तरीके से पकड़े जाने की वज़ह से फड़क (Shock) जाते है और अन्ततः मौत के मुंह में समाते है। इसे capture myopathy भी कहते है और पकड़ने के बाद नाजुक हृदयी जीव जैसे कि हिरण और नील गाय 2 दिन से लेकर 10 दिन बाद तक भी मर सकते है।

इसलिए हर गांव में कुछ लोगों को रैस्क्यु के तरीकों बारे वन्यप्राणी विभाग हरियाणा सरकार की सहायता से प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है। घायल जीव रैस्क्यु किए जाते है, उनके परिवहन, इलाज़ व ठीक होने तक रखने की व्यवस्था (आई.पी.डी.) नहीं है हम इस विषय में प्रयास कर रहे है कि विभाग की सहायता से हर जिले में अच्छी व्यवस्था हो।

लेकिन वन्यजीवों के मामलें में देखा गया है कि कम घायल/चोटिल जीव को यदि तुरंत प्राथमिक चिकित्सा देकर वापस समूह में या प्रयावास में छोड़ दिया जाए तो वह सदमें में नहीं जाएगा और जल्द ठीक हो जाएगा। इसके लिए वन्यप्राणी विभाग व पशुपालन विभाग की मदद से हर गांव में कुछ लोगों को प्राथमिक चिकित्सा बारे प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है।


आप सभी से अनुरोध है कि ग्राम स्तर पर घायल जीवों को बचाने रैस्क्यु एवं प्राथमिक चिकित्सा टीम बनाने में सहायता करें, आप अपने गांव के प्राइवैट पशु देखभालकर्ता, जिन्हें आम भाषा में झौलाछाप डाक्टर भी कहते है, उनके गांव का नाम/ प्राइवैट पशु देखभालकर्ता का नाम/मोबाइल नम्बर
इन्हें जीव मित्र के नाम से जाना जाएगा।

ये लोग हर समय बाइक पर फर्स्ट एड बाक्स के साथ तैयार रहते है और चंद मिन्टों में ही रैस्क्यु या फर्स्ट एड के लिए पहुँच सकते है। पशुपालन व वन्यप्राणी विभाग की तरफ से इन्हें रैस्क्यु और फर्स्ट एड के लिए बकायदा प्रशिक्षण दिया जाएगा। जीव रक्षा सभा या विभाग ग्राम स्तर पर कार्य करने वाले इन जीव मित्रों को प्रति पशु रैस्क्यु करने पर एक निश्चित राशि मानदेय के रूप में और दवाई खर्च भी दे देगें।

हमने पहले चरण में चार जिलों के निम्नलिखित बिश्नोई बाहुल्य गावों का चयन टीम गठित करने के लिए किया है:-

जिला भिवानी

क्रमांक गाँव का नाम
1 बड़वा
2 सिवानी
3 तलवंडी बादशाहपुर
4 धूलकोट
5 लीलस
6 सैणीवास
7 झुम्पा


जिला सिरसा

क्रमांक गाँव का नाम
1 सिरसा
2 डिंग मंडी
3 बुर्जभंगु
4 खैरेका
5 जांडवाला बिश्नोईयां
6 गुसाइयना
7 गंगा
8 अबूबशहर
9 चौटाला
10 मंडी डबवाली
11 दीवानखेड़ा
12 जौतावाली
13 लखुवाना
14 मसीतां
15 रामपुरा बिश्नोईयां
16 रूपाणा बिश्नोईयां
17 सक्ताखेड़ा
18 सांवतखेड़ा


जिला हिसार

क्रमांक गाँव का नाम
1 हिसार
2 गंगवा
3 टोकस
4 चौधरवास
5 कालवास
6 रावतखेड़ा
7 चिड़ौद
8 धांसू
9 तलवंडी राणा
10 मिर्जापरु
11 ढंढूर
12 ठसका
13 र्दजनपुर
14 काजलां
15 मलापुर
16 चिकनवास
17 लांधड़ी
18 नंगथला
19 अग्रोहा
20 खासा ढाणी
21 कालरावण
22 असरावां
23 महलसरा
24 मोठसरा
25 आदुमपुर
26 लाखपुल
27 शीशवाल
28 बालसमंद
29 डोभी
30 चौधरीवाली
31 भाणा
32 भोडिया
33 सदलपुर
34 किशनगढ़
35 खैरमपुर
36 सारंगपुर
37 चबरवाल
38 उकलाना
39 बूढाखेडा
40 प्रभुवाला
41 सह


जिला फतेहाबाद

क्रमांक गाँव का नाम
1 फतेहाबाद
2 धांगड़
3 बड़ोपल
4 खाराखेड़ी
5 भोड़ा होशनाक
6 चिंदड़
7 धारनियां
8 सालमखेड़ा
9 बीघड़
10 शेखुपुर दड़ौली
11 ढाबी कलां
12 चपलामोरी
13 मताना
14 भोड़िया खेड़ा
15 बरसीन
16 झलनियां
17 भिरड़ाना
18 माजरा
19 ढाणी माजरा
20 बालनवाली
21 एम.पी.रोही
22 काजलहेड़ी
23 खजुरी जाटी
24 गोरखपुर
25 जांडली
26 भुथन
27 नाढोड़ी
28 धौलू
29 घोटड़ू
30 टिब्बी
31 बोस्ती
32 बुआण
33 सनियाणा
34 पारता
35 पिरथला
36 ठरवा
37 टोहाना
38 ठरवी
39 अलावलवास
40 अयाल्की
41 दादुपुर
42 हड़ोली
43 नागपुर
44 हांसपुर
45 हंसगा
46 जल्लोपुर
47 रत्तोखेड़ा
48 रतिया
49 हिजरांवा कलां

कृप्या इस मैसेज़़ को पढकर ना छोड़े, जीव सरंक्षण में थोड़ा सहयोग करते हुए आपके गांव का नाम/ प्राइवैट पशु देखभालकर्ता का नाम/मोबाइल नम्बर श्री विनोद काकड़ जी , महासचिव अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा को इस नम्बर पर 94667 47929 भेजें।
धन्यवाद।
निवेदक
समस्त जीव रक्षक