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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: खरीफ 2025 के लिए आवेदन तिथि 14 अगस्त तक बढ़ी

भारत में कृषि क्षेत्र मौसम की अनिश्चितताओं से हमेशा प्रभावित होता रहा है, जहां सूखा, बाढ़ और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाएं किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाती हैं। इसी चुनौती का सामना करने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Prime Minister Crop Insurance Scheme) शुरू की है, जो किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।

यह योजना 2016 में शुरू हुई थी और इसका उद्देश्य फसल की विफलता के खिलाफ व्यापक बीमा कवर प्रदान करके किसानों की आय को स्थिर रखना है। हाल ही में, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture and Farmers Welfare) ने खरीफ 2025 (Kharif 2025) के लिए इस योजना में आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाने की घोषणा की है, जिससे अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके।


इस योजना के तहत, किसान अपनी फसलों को चक्रवात (Cyclone), चक्रवाती वर्षा (Cyclonic Rain), असामयिक वर्षा (Unseasonal Rain) और ओलावृष्टि (Hailstorm) जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बीमा करा सकते हैं। योजना दोनों प्रकार के किसानों – कर्ज लेने वाले (Loanee Farmers) और कर्ज न लेने वाले (Non-Loanee Farmers) – के लिए उपलब्ध है।

कर्ज न लेने वाले किसानों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को 31 जुलाई 2025 से बढ़ाकर 14 अगस्त 2025 कर दिया गया है, जबकि कर्ज लेने वाले किसानों के खातों से प्रीमियम की कटौती 30 अगस्त 2025 तक की जाएगी। यह विस्तार किसानों को अतिरिक्त समय प्रदान करता है ताकि वे अपनी फसलों का बीमा समय पर करा सकें और संभावित जोखिमों से सुरक्षित रहें।


आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जहां किसानों को फसल बीमा पोर्टल (Crop Insurance Portal) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होता है। कर्ज न लेने वाले किसानों को अपनी स्वामित्व वाली भूमि पर बोई गई फसलों के लिए आवेदन करना चाहिए। आवश्यक दस्तावेजों में भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (Jamabandi), प्रत्येक खसरा (Khasra) की कुल क्षेत्रफल और प्रस्तावित फसल के बोए गए क्षेत्र की स्व-प्रमाणित घोषणा, तथा बैंक खाते की प्रति शामिल हैं। योजना के अंतर्गत, फसल कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों तक अधिसूचित फसलों के लिए बीमा कवर उपलब्ध है, और नुकसान का आकलन व्यक्तिगत बीमित फसल के आधार पर किया जाता है।


यदि फसल को कोई नुकसान होता है, तो किसानों को 72 घंटों के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल (Krishi Rakshak Portal), हेल्पलाइन नंबर 14447 या फसल बीमा ऐप (Crop Insurance App) के माध्यम से रिपोर्ट करनी चाहिए। यदि यह समय सीमा चूक जाती है, तो सात दिनों के भीतर निर्धारित प्रारूप में बीमा कंपनी को पूरी जानकारी प्रदान करनी होगी। इस योजना का क्रियान्वयन जिले के लिए अधिकृत कंपनी, भारतीय कृषि बीमा कंपनी लिमिटेड (Agriculture Insurance Company of India Limited) द्वारा किया जा रहा है, जो किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।


यह योजना भारतीय कृषि की रीढ़ माने जाने वाले किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण मौसमी जोखिम बढ़ रहे हैं। खरीफ मौसम में धान, मक्का और कपास जैसी फसलों की बुआई होती है, और यह योजना इन फसलों को संरक्षण प्रदान करके किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाती है। सरकार का यह कदम किसानों को प्रोत्साहित करता है कि वे योजना का लाभ उठाएं और अपनी मेहनत को सुरक्षित रखें। कुल मिलाकर, यह विस्तार न केवल आवेदन प्रक्रिया को सुगम बनाता है बल्कि किसानों के बीच जागरूकता भी बढ़ाता है, जिससे कृषि क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित होती है।