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मेघालय में फ्लोरीकल्चर मिशन फूल उत्पादन से किसानों की बढ़ेगी आय

मेघालय (Meghalaya) राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। राज्य के मुख्यमंत्री ने हाल ही में फ्लोरीकल्चर मिशन 1.0 (Floriculture Mission 1.0) की घोषणा की, जिसके तहत अगले तीन वर्षों में 240 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह योजना मार्च 2024 में शुरू की गई थी और इसका मुख्य उद्देश्य राज्य को पूर्वोत्तर भारत (Northeast India) में उच्च मूल्य वाली फूलों की खेती का प्रमुख केंद्र बनाना है। इस मिशन के माध्यम से किसानों को जलवायु अनुकूल और स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे आने वाले वर्षों में 600 करोड़ रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष लाभ उत्पन्न होने की उम्मीद है।


मेघालय (Meghalaya) की भौगोलिक स्थिति और जलवायु इसे फूलों की खेती के लिए आदर्श बनाती है। राज्य की पहाड़ी इलाके, भरपूर वर्षा और जैव विविधता (biodiversity) फूलों की विभिन्न प्रजातियों को पनपने में मदद करती है। पारंपरिक कृषि पर निर्भर किसान अक्सर मौसम की अनिश्चितताओं और बाजार की उतार-चढ़ाव से प्रभावित होते हैं, लेकिन फ्लोरीकल्चर (floriculture) जैसे क्षेत्र में विविधीकरण से उनकी आय में दोगुनी वृद्धि संभव हो सकती है। इस मिशन के तहत 3,000 से अधिक किसानों को लक्षित किया गया है, और प्रत्येक लाभार्थी को 7 लाख रुपये की सब्सिडी पैकेज प्रदान किया जाएगा। इसमें इनपुट सामग्री, ग्रीनहाउस (greenhouse) ढांचा और विशेष प्रशिक्षण शामिल हैं। अब तक लगभग 500 किसान इस योजना में नामांकित हो चुके हैं और लाभ प्राप्त करना शुरू कर चुके हैं।


योजना में मुख्य रूप से प्रीमियम फूलों की किस्मों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जैसे ऑर्किड (Orchids) की विभिन्न प्रजातियां—डेंड्रोबियम (Dendrobium), सिम्बिडियम (Cymbidium), वांडा (Vanda) और फालेनोप्सिस (Phalaenopsis)—साथ ही ओरिएंटल लिलियम (Oriental Lilium)। इन फूलों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में उच्च है, जो किसानों को बेहतर मूल्य प्रदान कर सकती है। सरकार ने दार्जीलिंग गार्डन्स (Darjeeling Gardens) और नॉर्थ बंगाल फ्लोरिटेक (North Bengal Floritech) जैसी संस्थाओं के साथ साझेदारी की है, जो उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री, तकनीकी मार्गदर्शन और तीन वर्ष की खरीद गारंटी प्रदान करेंगी। इससे बाजार की अनिश्चितताओं से किसानों को सुरक्षा मिलेगी।


इसके अलावा, वैज्ञानिक खेती प्रथाओं को अपनाकर क्षेत्र-विशिष्ट फूल क्लस्टर्स (flower clusters) विकसित किए जाएंगे। यह मिशन राज्य की व्यापक कृषि रणनीति का हिस्सा है, जिसमें लकाडोंग हल्दी मिशन (Lakadong Turmeric Mission) जैसी सफल योजनाएं शामिल हैं। उत्पादन क्षेत्रों में समर्पित भंडारण और लॉजिस्टिक्स हब (logistics hubs) स्थापित किए जाएंगे, जो फूलों की गुणवत्ता बनाए रखने, परिवहन सुविधा और बाजार पहुंच को आसान बनाएंगे। योजना को मुख्यमंत्री फार्म प्लस (CM’s Farm Plus) और मुख्यमंत्री एश्योर (CM-Assure) जैसी अन्य योजनाओं के साथ एकीकृत किया गया है, ताकि किसानों को व्यापक सहायता मिल सके।


कुल मिलाकर, यह पहल कृषि को राज्य की स्थायी आर्थिक विकास की आधारशिला बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के माध्यम से।