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केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की तीव्रता बढ़ी कई जिलों में रेड अलर्ट जारी

भारत के दक्षिणी राज्य केरल (Kerala) में दक्षिण-पश्चिम मानसून (southwest monsoon) की तीव्रता बढ़ने के कारण मौसम विभाग ने कई जिलों में चेतावनी जारी की है। तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटों के लिए चार जिलों – एर्नाकुलम (Ernakulam), इडुक्की (Idukki), त्रिशूर (Thrissur) और मलप्पुरम (Malappuram) – में रेड अलर्ट (red alert) घोषित किया है, जो अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना को दर्शाता है। इसके अलावा, आठ अन्य जिलों – पठानमथिट्टा (Pathanamthitta), अलप्पुझा (Alappuzha), कोट्टायम (Kottayam), पलक्कड़ (Palakkad), कोझिकोड (Kozhikode), वायनाड (Wayanad), कन्नूर (Kannur) और कासरगोड (Kasaragod) – में ऑरेंज अलर्ट (orange alert) जारी किया गया है, जहां बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है। तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) और कोल्लम (Kollam) जिलों में येलो अलर्ट (yellow alert) लागू है, जो भारी वर्षा की चेतावनी देता है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत की जलवायु का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो जून से सितंबर तक चलता है और देश की अधिकांश वर्षा प्रदान करता है। यह मानसून आमतौर पर केरल से ही भारत में प्रवेश करता है और कृषि, जल संसाधनों तथा अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक होता है। हालांकि, इसकी तीव्रता बढ़ने पर बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ जाता है। केरल जैसे राज्य, जहां पहाड़ी इलाके और घने जंगल हैं, अक्सर ऐसी घटनाओं से प्रभावित होते हैं। पिछले वर्षों में, जैसे 2018 की विनाशकारी बाढ़ में, राज्य को भारी नुकसान हुआ था, जिसमें हजारों लोग विस्थापित हुए और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा। मौसम विभाग की ये चेतावनियां ऐसी आपदाओं से बचाव के लिए समय पर जानकारी प्रदान करती हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन और निवासी सतर्क रह सकें।

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की यह तीव्रता 9 अगस्त तक बनी रहने की संभावना है। विशेष रूप से 6 अगस्त को कन्नूर (Kannur) और कासरगोड (Kasaragod) में रेड अलर्ट रहेगा, जबकि कोझिकोड (Kozhikode), वायनाड (Wayanad) और मलप्पुरम (Malappuram) में ऑरेंज अलर्ट जारी होगा। एर्नाकुलम (Ernakulam), इडुक्की (Idukki), त्रिशूर (Thrissur) और पलक्कड़ (Palakkad) में येलो अलर्ट रहेगा, तथा तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram), कोल्लम (Kollam), पठानमथिट्टा (Pathanamthitta), अलप्पुझा (Alappuzha) और कोट्टायम (Kottayam) में सामान्य वर्षा की स्थिति के लिए ग्रीन अलर्ट (green alert) लागू है। विभाग ने निवासियों को सलाह दी है कि वे सतर्क रहें, क्योंकि व्यापक भारी वर्षा से नदियां उफान पर आ सकती हैं और कमजोर इलाकों में खतरा बढ़ सकता है।

इसके अलावा, पड़ोसी राज्य कर्नाटक (Karnataka) में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। 6 से 8 अगस्त तक विभिन्न क्षेत्रों में मध्यम से बहुत भारी वर्षा होने की उम्मीद है, और उत्तर कन्नड़ (Uttara Kannada) में 5 से 8 अगस्त तक येलो अलर्ट घोषित है। हालांकि, मुख्य फोकस केरल की स्थिति पर है, जहां मौसम की अनिश्चितता के कारण प्रशासन ने आपातकालीन準備 बढ़ा दी हैं। यह स्थिति जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को भी दर्शाती है, जहां मानसून की तीव्रता और अनियमितता बढ़ रही है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर पूर्वानुमान और तैयारी की आवश्यकता है। कुल मिलाकर, ये चेतावनियां आम जनता को सुरक्षित रखने और संभावित नुकसान को कम करने में मदद करेंगी।