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मोरनी के किसानों की होगी बल्ले बल्ले सरकार कराएगी जैविक खेती

हरियाणा राज्य के कृषि एवं बागवानी विभाग के कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा (Shyam Singh Rana) मोरनी (Morni) क्षेत्र का दौरा करने वाले हैं, जहां वे स्थानीय किसानों से सीधा संवाद करेंगे और जैविक खेती (organic farming) को बढ़ावा देने के लिए रणनीति तैयार करेंगे। यह दौरा कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं। मोरनी, जो हरियाणा के पंचकूला जिले में स्थित एक पहाड़ी इलाका है, अपनी अनुकूल जलवायु और मिट्टी की गुणवत्ता के कारण जैविक खेती के लिए आदर्श स्थान है। यहां की भौगोलिक स्थिति किसानों को रासायनिक उर्वरकों (chemical fertilizers) के बिना फसलें उगाने की संभावना प्रदान करती है, जो न केवल फसलों की गुणवत्ता बढ़ाती है बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी लंबे समय तक बनाए रखती है।

हरियाणा में कृषि अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ है, जहां गेहूं, चावल और सब्जियों जैसी फसलों का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। हालांकि, पारंपरिक खेती में रासायनिक कीटनाशकों (pesticides) और उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, साथ ही किसानों की स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा रहा है। जैविक खेती इस समस्या का एक प्रभावी समाधान है, जिसमें प्राकृतिक तरीकों से फसलें उगाई जाती हैं, जैसे कि जैविक खाद (organic manure) का उपयोग और कीट नियंत्रण के लिए प्राकृतिक विधियां। राज्य सरकार द्वारा जैविक खेती को प्रोत्साहन देने के प्रयास पहले से चल रहे हैं, और मंत्री का यह दौरा इन प्रयासों को और मजबूती प्रदान करेगा। मोरनी को जैविक खेती का एक मॉडल क्षेत्र बनाने की योजना से न केवल स्थानीय किसानों को लाभ होगा, बल्कि पूरे राज्य में इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी।

दौरे के दौरान मंत्री किसानों से उनकी फसलों, चुनौतियों और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी लेंगे। मोरनी के कृषि अधिकारी ने बताया कि एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां किसानों की वास्तविक जरूरतों को समझकर योजनाएं बनाई जाएंगी। यह कार्यक्रम दोपहर तीन बजे शुरू होगा, और इसमें किसानों को प्रशिक्षण, संसाधन और सरकारी सहायता के बारे में चर्चा की जाएगी। मोरनी की जलवायु पहाड़ी होने के कारण यहां सब्जियां, फल और जड़ी-बूटियां जैसी फसलें आसानी से उगाई जा सकती हैं, जो जैविक रूप में बाजार में उच्च मूल्य प्राप्त कर सकती हैं। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

यह दौरा हरियाणा सरकार की व्यापक कृषि नीति का हिस्सा है, जो सतत विकास (sustainable development) पर जोर देती है। जैविक खेती को बढ़ावा देकर राज्य न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगा, बल्कि निर्यात बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करेगा, जहां जैविक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। मंत्री के इस प्रयास से उम्मीद है कि मोरनी जैसे क्षेत्र अन्य जिलों के लिए उदाहरण बनेंगे, और किसान रासायनिक खेती से जैविक खेती की ओर संक्रमण करेंगे। कुल मिलाकर, यह पहल कृषि क्षेत्र में नवाचार और समृद्धि की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।