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तमिलनाडु में वैगई बांध से बाढ़ का खतरा: थेणी, मदुरै समेत पांच जिलों में सतर्कता

तमिलनाडु में वैगई बांध के पास बाढ़ की चेतावनी: पांच जिलों में सतर्कता का आह्वान
तमिलनाडु (Tamil Nadu) के वैगई बांध (Vaigai Dam) में जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण थेणी (Theni), डिंडिगुल (Dindigul), मदुरै (Madurai), शिवगंगा (Sivaganga) और रामनाथपुरम (Ramanathapuram) जिलों में रहने वाले लोगों के लिए स्तर दो की बाढ़ चेतावनी (Level 2 Flood Warning) जारी की गई है।

यह चेतावनी भारी वर्षा (Heavy Rainfall) और मुल्लापेरियार बांध (Mullaperiyar Dam) से बढ़ते जल प्रवाह के कारण दी गई है, क्योंकि वैगई बांध अपनी पूर्ण भंडारण क्षमता (Full Reservoir Level) के करीब पहुंच रहा है। सोमवार सुबह तक बांध का जलस्तर 68.41 फीट था, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 71 फीट है। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में यह और बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ (Flood) का खतरा पैदा हो सकता है। स्थानीय प्रशासन ने निवासियों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

वैगई बांध की स्थिति और बाढ़ का खतरा


वैगई बांध, जो थेणी जिले के अंडिपट्टी (Andipatti) के पास स्थित है, तमिलनाडु के पांच दक्षिणी जिलों के लिए पेयजल (Drinking Water) और सिंचाई (Irrigation) का प्रमुख स्रोत है। वर्तमान में, बांध में प्रति सेकंड 1,594 क्यूबिक फीट पानी (Cusecs) का प्रवाह हो रहा है, जबकि केवल 69 क्यूबिक फीट पानी प्रति सेकंड मदुरै शहर की पेयजल आवश्यकताओं के लिए छोड़ा जा रहा है। बांध में कुल जल भंडार 5,421 क्यूबिक फीट तक पहुंच गया है। अधिकारियों ने योजना बनाई है कि बांध अपनी अधिकतम क्षमता तक पहुंचने के बाद अतिरिक्त पानी को वैगई नदी (Vaigai River) में छोड़ा जाएगा, जिससे नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। थेणी जिले में लगातार वर्षा के कारण येलो अलर्ट (Yellow Alert) भी घोषित किया गया है।


भारी वर्षा और मुल्लापेरियार का प्रभाव

इस बाढ़ चेतावनी का प्रमुख कारण पश्चिमी घाटों (Western Ghats) में निरंतर वर्षा और मुल्लापेरियार बांध से वैगई बांध में बढ़ता जल प्रवाह है। मुल्लापेरियार बांध से 20 जुलाई के बाद से 1,867 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है, जिसने वैगई बांध के जलस्तर को तेजी से बढ़ाया है। 26 जुलाई को पहली बाढ़ चेतावनी (First Flood Warning) तब जारी की गई थी, जब जलस्तर 66 फीट तक पहुंचा था। अब, जलस्तर 68.5 फीट को पार कर चुका है, जिसके कारण जल संसाधन विभाग (Water Resources Department – WRD) ने दूसरी चेतावनी जारी की है। यदि जलस्तर 69 फीट तक पहुंचता है, तो तीसरी और अंतिम चेतावनी (Third Flood Warning) जारी की जाएगी, और अतिरिक्त पानी नदी में छोड़ना अनिवार्य हो जाएगा।


प्रभावित क्षेत्र और प्रशासन की तैयारी

वैगई नदी के किनारे बसे थेणी, डिंडिगुल, मदुरै, शिवगंगा और रामनाथपुरम के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा सबसे अधिक है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी के करीब न जाने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को जलस्तर की निगरानी करने और आपदा प्रबंधन (Disaster Management) के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। थेणी में विशेष रूप से सतर्कता बढ़ा दी गई है, जहां लगातार बारिश के कारण स्थानीय जलाशयों और नदियों का स्तर भी बढ़ रहा है। अतीत में, वैगई बांध से पानी छोड़े जाने के कारण 2018 और 2023 में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसने इन जिलों में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया था।


आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

वैगई बांध और नदी पर निर्भर ये जिले कृषि (Agriculture) और पेयजल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं। बाढ़ की स्थिति से खेतों में खड़ी फसलों, विशेष रूप से धान (Paddy), को नुकसान होने की आशंका है। इसके अलावा, निचले इलाकों में बसे गांवों में जलभराव (Waterlogging) और बुनियादी ढांचे को क्षति पहुंच सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी। प्रशासन ने राहत कार्यों (Relief Operations) को तेज करने और प्रभावित लोगों को अस्थायी आश्रय (Temporary Shelters) और आवश्यक सामग्री प्रदान करने की योजना बनाई है। यह स्थिति तमिलनाडु की जलवायु संवेदनशीलता (Climate Vulnerability) को भी उजागर करती है, जहां मानसून (Monsoon) की अनियमितता और बांध प्रबंधन (Dam Management) दीर्घकालिक चुनौतियां हैं।


भविष्य की तैयारियां

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए बेहतर बाढ़ प्रबंधन प्रणालियों (Flood Management Systems) और समय पर चेतावनियों (Early Warning Systems) की आवश्यकता है। वैगई और मुल्लापेरियार जैसे बांधों का समन्वित प्रबंधन, साथ ही स्थानीय समुदायों को जागरूक करना, भविष्य में नुकसान को कम कर सकता है। मौसम विभाग (Meteorological Department) ने अगले कुछ दिनों तक भारी वर्षा की संभावना जताई है, जिसके लिए प्रशासन को और सतर्क रहने की जरूरत है। निवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।