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मछुआरों को आईएमडी की चेतावनी: 5 से 10 अगस्त तक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में न जाएं

भारत मौसम विज्ञान विभाग आईएमडी ने महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार, 5 अगस्त से 10 अगस्त 2025 तक अरब सागर (Arabian Sea) और बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के कुछ निर्दिष्ट क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाना चाहिए। यह सलाह तेज हवाओं और उबड़-खाबड़ समुद्री स्थितियों के कारण दी गई है, जो छोटी नावों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) की सक्रिय अवस्था के दौरान ऐसी स्थितियां आमतौर पर उत्पन्न होती हैं, जब कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) विकसित होकर मौसम को अस्थिर बनाते हैं।

चेतावनी में उल्लेखित क्षेत्रों का विवरण इस प्रकार है। अरब सागर में केरल (Kerala), कर्नाटक (Karnataka) तटों के साथ-साथ और उसके बाहर, लक्षद्वीप क्षेत्र (Lakshadweep Area), कोमोरिन (Comorin) और मालदीव (Maldives) तथा आसपास के समुद्री क्षेत्रों में 5 अगस्त से 7 अगस्त तक मछुआरों को जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, 5 अगस्त को दक्षिण-पूर्व अरब सागर (Southeast Arabian Sea) के कुछ हिस्सों में, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर (Southwest Arabian Sea) के कुछ भागों में, पश्चिम-मध्य अरब सागर (Westcentral Arabian Sea) के कुछ हिस्सों में, सोमालिया तट (Somalia Coast) के साथ-साथ और उसके बाहर तथा आसपास के समुद्री क्षेत्रों में 5 से 10 अगस्त तक, और दक्षिण ओमान (South Oman) तथा आसपास के समुद्री क्षेत्रों में 6 अगस्त को खतरा बना रहेगा। बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (Southwest Bay of Bengal) के कई हिस्सों में 5 से 7 अगस्त तक तथा कुछ हिस्सों में 7 से 10 अगस्त तक, और मान्नार की खाड़ी (Gulf of Mannar) में 5 से 8 अगस्त तक समुद्र में जाना जोखिम भरा होगा।

पृष्ठभूमि के संदर्भ में, दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत के तटीय इलाकों में जून से सितंबर तक सक्रिय रहता है और इस दौरान समुद्री मौसम अक्सर अस्थिर होता है। आईएमडी ऐसे समय में नियमित रूप से बुलेटिन जारी करता है ताकि मछुआरों को पहले से सूचित किया जा सके। पिछले वर्षों में इसी तरह की चेतावनियों को नजरअंदाज करने से कई दुर्घटनाएं हुई हैं, जहां मछुआरे लापता हो गए या उनकी नावें क्षतिग्रस्त हो गईं। उदाहरण के लिए, मानसून के दौरान तमिलनाडु और केरल के तटों पर ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं। आईएमडी की भूमिका मौसम की निगरानी और पूर्वानुमान के माध्यम से इन जोखिमों को कम करने में महत्वपूर्ण है, और स्थानीय प्रशासन भी मछुआरों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाते हैं।

मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे आईएमडी की वेबसाइट या स्थानीय मौसम केंद्रों से नवीनतम अपडेट प्राप्त करें और तट पर ही रहें। यदि आवश्यक हो तो आपातकालीन सहायता के लिए तटरक्षक बल (Coast Guard) से संपर्क करें। यह चेतावनी न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करती है बल्कि मछली पकड़ने वाले समुदायों की आर्थिक स्थिरता को भी बनाए रखने में मदद करती है।