उत्तर प्रदेश में इन दिनों मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है और प्रशासन को छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कदम उठाने पड़ रहे हैं।
विशेष रूप से लखनऊ, सीतापुर, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर और बरेली जैसे जिलों में 4 अगस्त 2025 को कक्षा 1 से 12 तक के सभी बोर्डों के स्कूलों को बंद रखने का आदेश जिलाधिकारी ने जारी किया है, ताकि भारी वर्षा से उत्पन्न जोखिमों जैसे सड़कों पर जलभराव, यातायात अवरोध और संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
लखनऊ में इस मौसम की अब तक की सबसे अधिक बारिश मलिहाबाद क्षेत्र में 61.5 मिलीमीटर दर्ज की गई, जबकि शहर के विभिन्न हिस्सों जैसे अलीगंज में 40.4 मिलीमीटर, हनुमान सेतु में 9.4 मिलीमीटर, मोहनलालगंज में 6.4 मिलीमीटर, एयरपोर्ट में 34.7 मिलीमीटर और बनी में 2 मिलीमीटर वर्षा हुई, जिसका औसत 25.5 मिलीमीटर रहा।
मौसम विभाग ने लखनऊ और आसपास के इलाकों के लिए 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश का येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है, क्योंकि मानसून ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है और शमली, शाहजहांपुर तथा लखनऊ से गुजर रही है, जो चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) तथा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मजबूत होकर अगले 24 से 36 घंटों में भारी से बहुत भारी वर्षा का कारण बन सकती है।
इस बारिश के चलते तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है, जहां 3 अगस्त को अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 4.8 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उत्तर प्रदेश में मानसून का मौसम हर वर्ष बाढ़, जलभराव और कृषि पर सकारात्मक तथा नकारात्मक प्रभाव डालता है, लेकिन इस वर्ष की तीव्र बारिश ने शहरी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता की मांग की है, और स्कूल बंद करने जैसे निर्णय छात्रों को घर पर सुरक्षित रखने तथा अभिभावकों को चिंता मुक्त करने में मददगार साबित होते हैं।
अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि यदि कोई छात्र स्कूल बस या वैन से निकल चुके हैं तो उन्हें तुरंत सूचित कर वापस बुलाया जाए, और बारिश की तीव्रता 5 अगस्त से कम होने की संभावना जताई गई है, लेकिन तब तक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।