Skip to content

चेन्नई निगम की मानसून तैयारी: 15 जोनों में 500 ट्रैक्टर पंप तैनात, बाढ़ से निपटने की योजना

चेन्नई महानगर निगम ने उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव की समस्याओं से निपटने के लिए व्यापक तैयारी की है, जिसमें 15 जोनों में 500 ट्रैक्टर पंप (tractor pumps) की खरीद शामिल है, जिनकी कुल लागत 32 करोड़ रुपये है, ताकि भारी बारिश के समय जल्द से जल्द पानी निकाला जा सके और शहरवासियों का जीवन सामान्य बना रहे।

यह कदम शहर की ऐतिहासिक बाढ़ समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जहां हर साल अक्टूबर से दिसंबर तक होने वाली उत्तर-पूर्वी मानसून की मूसलाधार वर्षा से नालियां अवरुद्ध हो जाती हैं, सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और यातायात तथा दैनिक जीवन प्रभावित होता है, जैसा कि 2015 की विनाशकारी बाढ़ और हाल के वर्षों में देखा गया है, जहां शहरीकरण, अतिक्रमण और कचरे के कारण जल निकासी प्रणाली कमजोर हो गई है।

इन ट्रैक्टर पंपों को विशेष रूप से उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा जहां फ्लाईओवर निर्माण, मेट्रो रेल परियोजनाएं और वर्षा जल निकासी कार्य चल रहे हैं, जैसे कि अदयार में 52, पेरुंगुड़ी में 49, कोडंबक्कम में 42, तेयनंपेट में 40, तथा अन्य जोनों जैसे थिरुवोट्टियुर, मनाली, माधवरम और वलासरवक्कम में कम संख्या में, जो कुल 15 जोनों को कवर करेंगे।

इसके अलावा, अक्टूबर से दिसंबर तक 128 उच्च क्षमता वाले मोटर पंप (high-capacity motor pumps) किराए पर लिए जाएंगे, जिनकी क्षमता 80-100 हॉर्सपावर (horsepower) और 6,000 लीटर प्रति मिनट (LPM) होगी, ताकि गंभीर जलभराव स्थितियों में प्रभावी ढंग से पानी निकाला जा सके।

उप महापौर ने कहा है कि दक्षिण चेन्नई में वर्षा जल निकासी कार्य तेजी से चल रहे हैं और बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान कर अस्थायी उपाय अपनाए जा रहे हैं, जिससे इस वर्ष पिछली बार की तुलना में बाढ़ का प्रभाव कम होने की उम्मीद है, हालांकि जनता की शिकायतें नालियों की सफाई और अतिक्रमण हटाने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।

कुल मिलाकर, ये उपाय चेन्नई की बाढ़ प्रबंधन रणनीति को मजबूत करेंगे, शहर की अर्थव्यवस्था और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, तथा भविष्य में स्थायी जल निकासी सुधारों की दिशा में एक कदम साबित होंगे।