परिचय
हरियाणा राज्य में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में, सरकार ने गुरुग्राम (Gurugram) के सेक्टर 109 (Sector 109) में राज्य का सबसे बड़ा थोक फूल बाजार स्थापित करने की मंजूरी दी है। यह परियोजना न केवल स्थानीय किसानों को लाभ पहुंचाएगी, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी फूलों की उपलब्धता को आसान बनाएगी। हरियाणा, जो अपनी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है, में फूलों की खेती बढ़ रही है, खासकर त्योहारों, शादियों और सजावट के लिए। वर्तमान में, गुरुग्राम के निवासी दिल्ली के गाजीपुर मंडी (Ghazipur Mandi) पर निर्भर हैं, जहां से फूलों की आपूर्ति होती है, लेकिन यह दूरी और लागत के कारण चुनौतीपूर्ण है।
परियोजना का विवरण
यह फूल बाजार पावला खुसरूपुर गांव (Pawala Khusrupur village) में 10 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 50 करोड़ रुपये है और इसे हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (Haryana State Agricultural Marketing Board – HSAMB) तथा गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (Gurugram Metropolitan Development Authority – GMDA) द्वारा संयुक्त रूप से क्रियान्वित किया जाएगा। बाजार में आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी, जैसे नीलामी केंद्र (auction centre), ग्रेडिंग और सॉर्टिंग सुविधा (grading and sorting facility), कोल्ड स्टोरेज इकाइयां (cold storage units), अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र (research and training centres), तथा खुदरा स्थान (retail spaces)। यह स्थान द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) के निकट है, जो पहुंच को सुगम बनाएगा। पहले सेक्टर 52A में प्रस्तावित साइट को बदलकर सेक्टर 109 चुना गया, क्योंकि यहां अधिक स्थान और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है
समय सीमा
यह परियोजना मूल रूप से 2019 में प्रस्तावित की गई थी, लेकिन 2025 के राज्य बजट में इसे पुनर्जीवित किया गया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) द्वारा बजट में शामिल किए जाने के बाद, अब यह तेजी से आगे बढ़ रही है। यदि सभी मंजूरियां समय पर मिलती हैं, तो बाजार मध्य 2026 तक कार्यरत हो सकता है। हरियाणा में फूल बाजार की कमी के कारण पिछले एक दशक से किसान और व्यापारी दिल्ली पर निर्भर थे। गुरुग्राम, जो तेजी से विकसित हो रहा शहर है, में शादियों और कार्यक्रमों की बढ़ती संख्या के कारण फूलों की मांग बढ़ रही है। यह बाजार दिल्ली के गाजीपुर मंडी से व्यापार का एक बड़ा हिस्सा हरियाणा की ओर मोड़ सकता है, जहां वर्तमान में 650-700 करोड़ रुपये का वार्षिक व्यापार होता है।
लाभ और प्रभाव
इस बाजार से अनुमानित 275 करोड़ रुपये का वार्षिक व्यापार होने की उम्मीद है। यह किसानों के लिए परिवहन लागत कम करेगा, जिससे उनकी कमाई बढ़ेगी। गुरुग्राम में फूलों की कीमतें दिल्ली की तुलना में 40-50 प्रतिशत अधिक होती हैं, लेकिन स्थानीय बाजार से यह अंतर कम होगा। फूल विक्रेताओं, गृहिणियों और शादी आयोजकों के लिए सुविधा बढ़ेगी। इसके अलावा, यह परियोजना रोजगार सृजन करेगी और पावला खुसरूपुर गांव में बुनियादी ढांचे का विकास करेगी। कुल मिलाकर, यह हरियाणा की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा और दिल्ली पर निर्भरता को समाप्त करेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास को बढ़ावा मिलेगा।