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केरल में इस सप्ताह भारी बारिश की संभावना: आईएमडी ने जारी किए ऑरेंज और येलो अलर्ट

केरल (Kerala) में इस सप्ताह मानसून (Monsoon) की तीव्रता बढ़ने की संभावना है, जिसके कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department – IMD) ने इस स्थिति की चेतावनी जारी की है, जो मन्नार की खाड़ी (Gulf of Mannar) और दक्षिण तमिलनाडु (South Tamil Nadu) के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण उत्पन्न हुई है।

यह परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है, और मजबूत पश्चिमी तथा उत्तर-पश्चिमी हवाओं के साथ मिलकर केरल तथा लक्षद्वीप (Lakshadweep) में वर्षा को बढ़ावा दे रहा है। केरल की भौगोलिक स्थिति, जिसमें घने जंगल, पहाड़ियां और नदियां शामिल हैं, इसे मानसूनी वर्षा के लिए संवेदनशील बनाती है। अतीत में, जैसे 2018 की विनाशकारी बाढ़ में, राज्य ने भारी वर्षा से बड़े पैमाने पर नुकसान झेला है, जिसमें हजारों लोग प्रभावित हुए थे। वर्तमान पूर्वानुमान इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए तैयारी पर जोर देता है।

विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है, जो 24 घंटों में 115.6 मिलीमीटर से 204.4 मिलीमीटर तक की बहुत भारी वर्षा की संभावना दर्शाता है। प्रभावित जिले तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram), कोल्लम (Kollam), पठानमथिट्टा (Pathanamthitta), अलप्पुझा (Alappuzha), कोट्टायम (Kottayam), एर्नाकुलम (Ernakulam) और इडुक्की (Idukki) हैं। यह अलर्ट रविवार से प्रभावी है और एर्नाकुलम तथा इडुक्की के लिए पांच अगस्त तक जारी रहेगा।

इसके अलावा, येलो अलर्ट (Yellow Alert) थ्रिसूर (Thrissur), पलक्कड़ (Palakkad), मलप्पुरम (Malappuram), कोझिकोड (Kozhikode), वायनाड (Wayanad), कन्नूर (Kannur) और कासरगोड (Kasaragod) जिलों के लिए जारी किया गया है, जहां 64.5 मिलीमीटर से 115.5 मिलीमीटर तक की वर्षा अपेक्षित है। यह अलर्ट सात अगस्त तक लागू रहेगा। पांच अगस्त को कुछ अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की आशंका है, जो स्थानीय स्तर पर प्रभाव बढ़ा सकती है।

इस मौसमी स्थिति से जुड़े खतरे में अचानक बाढ़ (Flash Floods), भूस्खलन (Landslides) और जलभराव (Waterlogging) शामिल हैं, विशेष रूप से दक्षिणी और पहाड़ी जिलों में। प्रशासन ने निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, और आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।

केरल की अर्थव्यवस्था, जो पर्यटन, कृषि और मत्स्य पालन पर निर्भर है, ऐसी मौसमी घटनाओं से प्रभावित होती है, इसलिए पूर्व चेतावनी प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कुल मिलाकर, यह पूर्वानुमान राज्य को आवश्यक सावधानियां बरतने का अवसर प्रदान करता है, ताकि जान-माल का नुकसान कम से कम हो।
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