घुघु – एक प्राकृतिक कीटनाशी

घुघु के नाम व ठिकाने से सभी हरियाणा वासी भली-भांती परिचित हैं। यह कीड़ा खेत-खलियानों की सूखी व बारिक रेत में दिखाई देने वाले कीपनुमा गड्डों की तली में मिट्टी के नीचे छुप कर रहता है। इन गड्डों में चींटियाँ डालकर उनका शिकार होते देख कर खूब मजे करते थे बचपन में। क्या आया याद आपको भी। “घुघु राजा, घुघु राजा-शक्ल जरा दिखला जा।”

भूमि में रहते हुए चीटिंयों का शिकार करने वाला कोई और नही बल्कि यह घुघु ही तो होता था। अंग्रेज़ लोग इस घुघु को Antlion के नाम से जानते हैं। कीट विज्ञान की भाषा में इस कीट को Myrmeleon प्रजाति के रूप में जाना जाता है। कीट वैज्ञानिकों के मुताबिक इसका परिवार Myrmeleontidae व वंशक्रम Neuroptera है। घुघु को अपनी जीवन यात्रा पूरी करने के लिये अंडा, लार्वा, प्यूपा व प्रौढ़ अवश्थाओं से गुजरना पड़ता है।

इस कीट का लार्वा अपने गठीले पेट व दरान्तिनुमा मजबूत जबड़ों की मदद से कीपनुमा खड्डा खोदता है। इस खड्डे की तली में मिट्टी के निचे छुप कर चुप-चाप शिकार का इंतजार करता है। जाने-अनजाने में जब भी

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