कपास का भस्मासुर – मिलीबग MEALYBUG PARASITOID

बी टी बीजों के प्रचलन के साथ ही कपास की फसल में एक नए कीड़े के प्रकोप की शुरुआत हुई है । इस कीट का नाम मिलीबग है । लोग इसे मिलीभगत,फुही व भस्मासुर आदि नामों से भी पुकारते हैं । देश के साथ साथ अपने हरियाणा में भी अभी से इस कीट को कपास …

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मिलीबग के कुशल शिकारी – लेडिबीटल

मिलीबग के कुशल शिकारी के रूप में आमतौर पर दस किस्म की बुगडी पायी गई है । स्थानीय लोग इन्हें मनयारी या जोगिन कहते हैं । स्कूल में पढने वाले इन्हें पास-फेल के रूप में जानते हैं अंग्रेज लोग इन्हें लेडिबीटल या लेडीबग के नाम से पुकारते हैं। इनके बालिग व शिशु जन्मजात मांसाहारी कीट …

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छ्छुँदरिया झींगुर – एक सर्वभाजी कीट

छ्छुँदरिया-झींगुर नाम का यह कीट अक्सर आलू फसल में नुकसान करता पाया जाता है। यूरोपियन लोग इसे Mole Cricket कहते हैं | ये कीट Orthoptera वंशक्रम के Gryllotalpidae कुनबे के सदस्य हैं | भूरे रंग के इस मोटी चमडी वाले कीट की आँखें मनके जैसी तथा अगली टाँगें फावडे जैसी होती है। इन टांगों से …

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मंडूसी में मूला अल

एक बार की बात है कि हरियाणा राज्य के जींद जिले के निडाना गाँव के महाबीर पिंडा के खेत में गेंहू की फसल में मंडूसी बिना कोई खरपतवारनाशक का स्प्रे किए अपने आप पीली हो कर सूखने लग रही थी। महाबीर के बुलावे पर कीट कमांडो किसानो ने मौके पर जाकर बारीकी से निरिक्षण किया। …

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हरियाणा करनाल के फरीदपुर गाँव में फैक्ट्री वालों ने जैविक खेत को किया बर्बाद

आठ सालों की मेहनत पर फिर प्रदूषण का पानी मैं जितेन्द्र मिगलानी करनाल हरियाणा से हूं , मेरी जमीन फरीदपुर में बरसत- बराना रोड पर है। मैंने पिछले 8 वर्षो से अपने खेतों में किसी भी प्रकार का केमिकल फर्टिलाइजर व पेस्टिसाइड नही डाला है , मुझे इतना समय मिट्टी की कंडीशन सुधारने में लग …

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जरूरतमंद जीवों को रैस्क्यु करने व प्राथमिक चिकित्सा हेतू गांव स्तर की टीम के गठन में करें सहयोग

अक्तूबर से मनाए जाने वाले वन्यप्राणी सुरक्षा सप्ताह में दिया जाएगा प्रशिक्षण। जैसा कि आप सभी को विदित है हम अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के अधीन प्रथम चरण में हरियाणा के चार जिलों फतेहाबाद, हिसार, सिरसा व भिवानी में जरूरतमंद जीवों को रैस्क्यु करने व प्राथमिक चिकित्सा हेतू गांव स्तर की टीम के …

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जैविक खेती करने वाले 89.3% किसानों ने नही लगाईं अपने खेतों में आग: के.वी.एम. का सर्वे

जीरकपुर डेस्क प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय न्यूज़लेटर द गार्डियन में 11 सितम्बर 2021 को तारुणी गांधी की रिपोर्ट प्रकाशित हुई है जिसमें यह खा गया है कि उत्तर भारत के इलाके में धान के फानों को खेत खाली करने के उद्देश्य से आग लगा दिया जाना एक बहुत बड़ा सरदर्द का कारण है। पिछले अनेक वर्षों से …

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